Daily Current Affairs 8 May, 2019 in Hindi

Daily Current Affairs 8 May, 2019 in Hindi

डेली करेंट अफेयर्स 8 मई, 2019

1. कर्नाटक सरकार ने बच्चों के स्कूल बैग का भार कम करने के लिए ज़रूरी कदम उठाये

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश के बाद कर्नाटक सरकार ने स्कूलों के लिए कुछ एक आवश्यक कदम तथा दिशानिर्देश जारी किये हैं।
  • सरकार ने बच्चों के स्कूल बैग का भार कम करने के लिए दिशानिर्देश जारी किये हैं। कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के लिए सर्कुलर जारी किया है।
  • सर्कुलर के अनुसार स्कूल बैग का भार छात्र के वज़न के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • कक्षा 1 तथा 2 के छात्रों के स्कूल बैग का भार 2 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए, कक्षा 3 से 5 के छात्रों के स्कूल बैग का भार 2 से 3 किलोग्राम के बीच होना चाहिए।
  • कक्षा के साथ स्कूल बैग के भार में थोड़ी-थोड़ी वृद्धि होती है। कक्षा 9 तथा 10 के छात्रों के स्कूल बैग का भार 4-5 किलोग्राम हो सकता है।
  • कक्षा 1 तथा 2 के छात्रों को किसी प्रकार का होमवर्क नहीं दिया जाना चाहिए। स्कूल को शुरू से समय सारणी निर्मित करनी चाहिए, जिससे स्कूल ले जाने वाली पुस्तकों की संख्या सीमित हो सके। समस्त क्लासवर्क स्कूल में ही रखा जाना चाहिए।
  • स्कूलों को कुछ खाली जगह की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है जहाँ पर छात्र अपनी किताबें तथा नोटबुक्स रख सकते हैं।
  • स्कूलों को बच्चों के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था करनी होगी ताकि बच्चों को घर से पानी की बोतल न ले जानी पड़े।
  • हर महीने का तीसरा शनिवार “नो स्कूल बैग डे” होगा, इस दिन छात्र स्कूल को बस्ता नहीं ले जायेंगे।
  • इस दिन छात्रों को बिना पुस्तकों के किसी अन्य गतिविधि में संलग्न करना चाहिए। इस दिन बच्चों को सामान्य ज्ञान, कला, खेल कूद, नृत्य तथा परिचर्चा जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए।

स्मरणीय तथ्य :-

— 1961 में 174 वें संशोधन के माध्यम से 26 सितम्बर 1961 को मानव संसधान विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की स्थापना की गई थी। वर्तमान में एमएचआरडी दो विभागों के माध्यम से कार्य करता है: 1. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग 2.  उच्‍‍‍च चशिक्षा विभाग

2. आईएनएस विशाल : भारत और यूनाइटेड किंगडम अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरिएरका निर्माण कर सकते हैं

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरिएर के निर्माण के लिए वार्ता जारी है, यह एयरक्राफ्ट कैरिएर ब्रिटेन के HMS क्वीन एलिज़ाबेथ की रेप्लिका (प्रतिलिपि) होगा।
  • यह वार्ता “मेक इन इंडिया” पहल का हिस्सा है। इस एयरक्राफ्ट कैरिएर का नाम आईएनएस विशाल रखा जायेगा। यह भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा युद्धपोत होगा।

मुख्य बिंदु

  • यूनाइटेड किंगडम के एयरक्राफ्ट कैरिएर के डिजाईन का स्वामित्व ब्रिटिश तथा फ़्रांसिसी एयरोस्पेस कंपनियों BAE और थेल्स के पास है।
  • इन कंपनियों के साथ भारत की समझौता वार्ता जारी है। इस एयरक्राफ्ट कैरिएर का डिजाईन भारतीय नौसेना की आवश्यकता के अनुसार कुछ परिवर्तित भी किया जायेगा।
  • सौदे पर सहमती बनने के बाद इस युद्धपोत का निर्माण भारत में “मेक इन इंडिया” अभियान के तहत किया जायेगा। इसके कुछ पुर्जों की आपूर्ति यूनाइटेड किंगडम से की जा सकती है।
  • यह नया एयरक्राफ्ट कैरिएर आईएनएस विक्रमादित्य (45,000 टन भार वाले कैरिएर को भारत ने रूस से 2004 में खरीदा था) तथा आईएनएस विक्रांत (40,000 टन भार वाला कैरिएर अभी निर्माणाधीन है) के साथ मिलकर कार्य करेगा।

HMS क्वीन एलिज़ाबेथ

  • HMS क्वीन एलिज़ाबेथ 65,000 भार वाला ब्रिटिश युद्धपोत है। यह रॉयल नेवी के लिए निर्मित अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है।
  • इस युद्धपोत पर 60 एयरक्राफ्ट ले जाए जा सकते हैं। इसका नाम महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम के सम्मान में रखा गया है।

स्मरणीय तथ्य :-

— यूनाइटेड किंगडम : 1927 में देश का वर्तमान नाम यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैण्ड स्वीकार किया गया।

3. जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन ने छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायधीश के रूप में शपथ ली

  • जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन ने छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायधीश के रूप में शपथ ली। वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 13वें मुख्य न्यायधीश बन गये हैं।
  • उन्हें राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रायपुर के राज भवन में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

मुख्य बिंदु

  • छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय राज्य के बिलासपुर में स्थित है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के पद अजय कुमार त्रिपाठी के इस्तीफे के बाद से खाली चल रहा था, अजय कुमार त्रिपाठी की नियुक्ति लोकपाल में न्यायिक सदस्य के रूप में की गयी है।
  • सर्वोच्च न्यायालय मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में तीन न्यायधीशों के कॉलेजियम ने जस्टिस मेनन की नियुक्ति की अनुशंसा की, इस कॉलेजियम में जस्टिस एस.ए. बोबडे तथा जस्टिस एन.वी. रमण भी शामिल थे।
  • जस्टिस मेनन ने जनवरी 2009 से केरल उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायधीश के रूप में कार्य किया है। बाद में दिसम्बर, 2010 में उन्हें केरल उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायधीश नियुक्त किया गया।

भारत में उच्च न्यायालय

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायधीश तथा सम्बंधित राज्य के राज्यपाल के साथ परामर्श के बाद की जाती है।
  • उच्च न्यायालय के न्यायधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायधीश तथा सम्बंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के साथ परामर्श के बाद की जाती है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 13वें मुख्य न्यायधीश किसे बना गया हैं?

उत्तर — जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन

प्रश्न – भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय की व्यवस्था होनी चाहिए?

उत्तर — अनुच्छेद 214 के

4. अमेरिकी कंपनी मास्टरकार्ड अगले 5 वर्षों में भारत में 1 अरब डॉलर का निवेश करेगी

  • अमेरिकी कंपनी मास्टर कार्ड ने अगले पांच वर्षों में देश में 1 अरब डॉलर (लगभग 7,000 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की है। 350 मिलियन डॉलर भारत में भुगतान प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना में व्यय किये जायेंगे।
  • दरअसल भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देश के मुताबिक सभी भुगतान डाटा को भारत में ही स्टोर किया जाना अनिवार्य है। भुगतान प्रसंस्करण केंद्र अगले 18 महीने में शुरू हो जायेगा, इससे 1000 लोगों को रोज़गार प्राप्त होगा। गौरतलब है कि यह भुगतान प्रसंस्करण केंद्र मास्टर कार्ड का अमेरिका के बाहर पहला भुगतान प्रसंस्करण केंद्र होगा।
  • इस केंद्र का निर्माण महाराष्ट्र के पुणे में किया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिए जाने के बाद देश में ऑनलाइन भुगतान में भारी वृद्धि हुई है।
  • रोचक तथ्य : मास्टर कार्ड के अध्यक्ष व सीईओ भारतीय मूल के अजयपाल सिंह बंगा हैं।

स्मरणीय तथ्य :-

— मास्टर कार्ड एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय वित्तीय सेवा कंपनी है, इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है। इसकी स्थापना 1966 में की गयी थी। गौरतलब है कि मास्टर कार्ड के अध्यक्ष व सीईओ भारतीय मूल के अजयपाल सिंह बंगा हैं। मास्टर कार्ड के उप्ताद में डेबिट कार्ड का क्रेडिट कार्ड प्रमुख हैं। इसके प्रमुख ब्रांड सिरस, मेस्ट्रो, मोंडेक्स तथा मास्टर पास इत्यादि हैं।

5. आईएनएस रंजीत को डीकमीशन किया गया

  • भारतीय नौसेना के प्रमुख मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस रंजीत को 36 वर्षों की सेवा के बाद अब डीकमीशन किया गया। इस मिसाइल डिस्ट्रॉयर को 15 सितम्बर, 1983 को कमीशन किया गया था।
  • कप्तान विष्णु भागवत इसके पहले कमांडर थे। इसकी डीकमीशनिंग सेरेमनी विशाखापत्तनम नेवल डाकयार्ड में 6 मई, 2019 को आयोजित की गयी।
  • इस मौके पर अंदमान व निकोबार द्वीप के लेफ्टिनेंट गवर्नर (एडमिरल) देवेन्द्र कुमार जोशी मुख्य अतिथि थे। इस पोत ने अपने सेवाकाल में 2,190 दिन की यात्रा के दौरान 7,43,000 नॉटिकल मील का सफर तय किया, यह दूरी पृथ्वी की 35 परिक्रमा के बराबर है।

आईएनएस रंजीत

  • यह काशिन श्रेणी डिस्ट्रॉयर का पोत है। इसका निर्माण भूतपूर्व सोवियत संघ ने किया था। रूसी नौसेना में एक काशिन श्रेणी का डिस्ट्रॉयर कार्यरत्त है जबकि भारत में काशिन श्रेणी के पांच राजपूत श्रेणी डिस्ट्रॉयर कार्यरत्त हैं।
  • यह पांच राजपूत श्रेणी डिस्ट्रॉयर में से सेवानिवृत्त होने वाले पहली विध्वंसक पोत है।
  • इसका निर्माण यूक्रेन के निकोलेव नगर में 61 काम्युनर्ड शिपयार्ड में किया गया था।
  • इसे 16 जून, 1979 को औपचारिक रूप से लांच किया गया था, इसे रूसी नाम “लोवक्ली” (तेज़-तर्रार) नाम दिया गया था।
  • इस मिसाइल डिस्ट्रॉयर का आदर्श वाक्य “सदा रणे जयते” है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – किस भारतीय नौसेना के प्रमुख मिसाइल डिस्ट्रॉयर को 36 वर्षों की सेवा के बाद अब डीकमीशन किया गया है?

उत्तर — आईएनएस रंजीत

— राजपूत श्रेणी डिस्ट्रॉयर सोवियत काशिन श्रेणी डिस्ट्रॉयर का परिवर्तित स्वरुप है। इसमें आईएनएस राजपूत, आईएनएस राणा, आईएनएस रंजीत, आईएनएस रणवीर तथा आईएनएस रणविजय शामिल हैं। राजपूत श्रेणी डिस्ट्रॉयर में सर्वप्रथम सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल फिट की गयी थी।

6. सीमा सड़क संगठन का 59वां स्थापना दिवस : 7 मई, 2019

  • सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 7 मई, 2019 को अपना 59वां स्थापना दिवस (Raising Day) मनाया। बीआरओ देश के सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में अग्रणी सरकारी संगठन है।
  • 1960 में इसकी स्थापना के बाद से यह 2 से लेकर 19 परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके द्वारा किए गए कार्यों ने देश के दूरस्थ इलाकों में क्षेत्रीय अखंडता और सामाजिक-आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित किया है।

सीमा सड़क संगठन (BRO)

  • सीमा सड़क संगठन (BRO) भारत के सीमान्त क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का निर्माण तथा प्रबंधन करता है।
  • यह संगठन अफ़ग़ानिस्तान, भूटान, म्यांमार और श्रीलंका में भी अधोसंरचना निर्माण कार्य करता है। इसकी स्थापना 7 मई, 1960 को की गयी थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

शांतिकाल में सीमा सड़क संगठन (BRO) के कार्य निम्नलिखित हैं :

  • सीमा क्षेत्रों में ऑपरेशनल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर ऑफ़ जनरल स्टाफ का विकास व प्रबंधन।
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगने वाले राज्यों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना।

युद्धकाल में BRO के कार्य निम्नलिखित हैं:

  • ओरिजिनल सेक्टर तथा री-डिप्लाएड सेक्टर में लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल का प्रबंधन
  • युद्ध प्रयास के दौरान सरकार द्वारा सौंपे गये अतिरिक्त कार्य

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – सीमा सड़क संगठन (BRO) की स्थापना कब हुई थी?

उत्तर — 7 मई, 1960 को

प्रश्न – सीमा सड़क संगठन (BRO) का मुख्यालय कहां पर स्थित है?

उत्तर — नई दिल्ली में

7. म्यांमार ने वा लोन और क्याव सो ओऊ को 511 दिनों की कैद के बाद जेल से मुक्त किया

  • म्यांमार ने वा लोन और क्याव सो ओऊ को जेल से मुक्त कर दिया है, गौरतलब है कि रायटर्स समाचार एजेंसी के इन दो पत्रकारों ने जेल में 500 से अधिक दिन बिताये।
  • इन दोनों पत्रकारों को सितम्बर में दोषी करार दिया गया था और उन्हें सात वर्ष कैद की सजा दी गयी थी। म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिंट ने 6,520 कैदियों को हाल ही में क्षमादान दिया, इन कैदियों की सूची में रायटर्स के यह दो पत्रकार भी शामिल हैं।

पृष्ठभूमि

  • वा लोन और क्याव सो ओऊ म्यांमार में 10 रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या की जाँच पर कार्य कर रहे थे, इन 10 रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या का आरोप सुरक्षा बलों तथा बौद्ध नागरिकों पर लगा था।
  • यह घटना म्यांमार के रखीन प्रांत में घटित हुई थी। अगस्त, 2017 के बाद रोहिंग्या मुसलमानों ने बड़ी संख्या में म्यांमार से पलायन किया था।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस घटनाक्रम में 7,30,000 से अधिक रोहिंग्या मुलसमान म्यांमार से भागकर बांग्लादेश चले गये थे।
  • म्यांमार में मानवाधिकारों के उल्लंघन इस घटना की विश्व भर में निंदा की गयी थी। इसके बाद दिसम्बर, 2017 में वा लोन और क्याव सो ओऊ को गिरफ्तार किया गया था।

स्मरणीय तथ्य :-

— म्यांमार : इसकी राजधानी नाएप्यीडॉ और सबसे बड़ा शहर देश की पूर्व राजधानी यांगून है, जिसका पूर्व नाम रंगून था। म्यांमार की प्राचीन राजधानी मांडले थी।

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