Daily Current Affairs 10 May, 2019 in Hindi

Daily Current Affairs 10 May, 2019 in Hindi

डेली करेंट अफेयर्स 10 मई, 2019

1. कोच्ची में किया जा रहा है विश्व सीमा शुल्क संगठन के क्षेत्रीय प्रमुखों की बैठक का आयोजन

  • विश्व सीमा शुल्क संगठन के क्षेत्रीय प्रमुखों की बैठक का आयोजन केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा कोच्ची में 8 मई से 10 मई के बीच किया जा रहा है।
  • इस बैठक में एशिया प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। भारत एशियाई प्रशांत क्षेत्र में विश्व सीमा शुल्क संगठन का वाईस चेयर है।
  • भारत को 1 जुलाई, 2018 को यह कार्य सौंपा गया था, भारत दो वर्ष तक एशिया प्रशांत क्षेत्र में विश्व सीमाशुल्क संगठन का वाईस चेयर रहेगा।
  • इस बैठक में विश्व सीमाशुल्क संगठन द्वारा सुरक्षित सीमा पार व्यापार को बढ़ावा दिए जाने के लिए शुरू किये गये कार्यक्रमों व पहलों की प्रगति की समीक्षा की जायेगी।
  • इस बैठक का अध्यक्षता केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड के चेयरमैन प्रणब कुमार दास द्वारा की जायेगी।

विश्व सीमा शुल्क संगठन

  • विश्व सीमा शुल्क संगठन स्वतंत्र अंतर्सरकारी संगठन है, इसका उद्देश्य शीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता लाना है।
  • इस संगठन की स्थापना 1952 में कस्टम्स को-ऑपरेशन कौंसिल के रूप में की गयी थी। विश्व सीमा शुल्क संगठन के मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थित है।

उद्देश्य

  • विश्व सीमा शुल्क संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों को सीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता प्राप्त करने में सहायता करना है, जिसके द्वारा सदस्य देश राष्ट्रीय विकास को लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
  • इसके अतिरिक्त आधुनिक सीमा शुल्क व्यवस्था व विधियों को लागू करना व उनका प्रचार कर भी इसका प्रमुख कार्य है।

संगठन

  • विश्व सीमा शुल्क संगठन की कार्यशैली इसके सचिवालय पर निर्भर है, इसके अलावा विश्व व्यापार संगठन में कई तकनीकी व सलाहकार समितियां भी हैं।
  • विश्व सीमा शुल्क संगठन में 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य अधिकारी शामिल होता हैं।
  • इस संगठन को 6 क्षेत्रों में बांटा गया है, प्रत्येक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विश्व व्यापार संगठन परिषद् में चुने गए उपाध्यक्ष द्वारा किया जाता है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – विश्व सीमा शुल्क संगठन की स्थापना कब की गई?

उत्तर — 26 जनवरी, 1952

2. 5वां संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह

5वां संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह 6 मई से 12 मई, 2019 के बीच मनाया जा रहा है। इस साप्ताहिक इवेंट की थीम “सड़क सुरक्षा के लिए नेतृत्व” (Leadership for road safety) है।

5वां संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह

  • संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह का समन्वय संयुक्त राष्ट्र सड़क सुरक्षा सहभागिता द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की अध्यक्षता में किया जाता है।
  • इस सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन ने “सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्टेटस रिपोर्ट” जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार सड़क सुरक्षा के लक्ष्यों को मज़बूत नेतृत्व के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है, इसके लिए “Save Lives – #SpeakUp” अभियान शुरू किया गया है।

Save Lives – #SpeakUp” अभियान

  • “Save Lives – #SpeakUp” अभियान “Decade of Action for Road Safety 2011-2020” के सिद्धांत पर आधारित है।
  • इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों तथा घायलों की संख्या में कमी करना है।
  • सड़क दुर्घटनाओं के कारण 2020 तक विश्व में प्रतिवर्ष 1.9 लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है।

सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्टेटस रिपोर्ट

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में “सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्टेटस रिपोर्ट” जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार 5 से 29 वर्ष के लोगों में मौत का प्रमुख कारण सड़क दुर्घटनाएं हैं।
  • प्रतिवर्ष 1.35 मिलियन लोगों की मौत सड़क दुर्घटना के कारण होती है, प्रतिवर्ष 50 मिलियन लोग सड़क दुर्घटना के कारण चोटिल होते हैं।
  • 2008 के बाद भारत में सड़क दुर्घटना के कारण विश्व में सर्वाधिक मौतें होती हैं। भारत ने सड़क दुर्घटना पर ब्रासिलिया डिक्लेरेशन पर भी हस्ताक्षर किये हैं, इसमें भारत ने 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 50% की कमी करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
  • भारत सरकार के डाटा के अनुसार देश में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1,50,000 लोगों की मौत होती है। परन्तु विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह आंकड़ा 2,99,000 प्रतिवर्ष है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – 5वां संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह 6 मई से 12 मई, 2019 के बीच मनाया जा रहा है। इस साप्ताहिक इवेंट की थीम क्या है?

उत्तर —“सड़क सुरक्षा के लिए नेतृत्व”

3. रविन्द्रनाथ टैगोर जयंती

  • रविन्द्र जयंती को लोकप्रिय रूप से पोचिशी बोइशख कहा जाता है और पूरे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में औपचारिक रूप से और जश्न मनाया जाता है।
  • रविन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को ब्रिटिश भारत के कलकत्ता में हुआ था। बंगाली कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म बोइशाख महीने के 25वें दिन हुआ था, बोइशाख महीने के 25 तारीख इस बार 9 मई को है।
  • गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर एक कवि, संगीतकार व कलाकार थे। उन्होंने बंगाली साहित्य व संगीत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उन्होंने 2230 से अधिक गीतों की रचना की। उनके गीतों को रबीन्द्र गीत कहा जाता है। रबीन्द्र नाथ टैगोर ने भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान की रचना की।
  • टैगोर पश्चिम में भारतीय संस्कृति को पेश करने में अत्यधिक प्रभावशाली थे और उन्हें आम तौर पर आधुनिक भारत के उत्कृष्ठ रचनात्मक कलाकार के रूप में जाना जाता है।
  • टैगोर की बंगाली कविताओ के अंग्रेजी अनुवाद गीतांजलि के लिए उन्हें 1913 का नोबेल पुरस्कार दिया गया। उनके साहित्य का अंग्रेजी, डच, जर्मन, स्पेनिश, और अन्य यूरोपीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।
  • रविन्द्रनाथ टैगोर की प्रमुख रचनाएँ : गीतांजलि, गोरा, जन गन मन, रबीन्द्र संगीत, आमार शोनार बांग्ला इत्यादि। उनका निधन 7 अगस्त, 1941 को कलकत्ता में हुआ था।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – रविन्द्रनाथ टैगोर का जन्म कब व कहां पर हुआ था?

उत्तर —7 मई, 1861, कलकत्ता में

4. गृह मंत्रालय ने भारतीय मूल के लोगों के लिए “ब्लैक लिस्ट” को समाप्त करने का निर्णय लिया

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में भारतीय मूल के लोगों के लिए “ब्लैक लिस्ट” को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह सूची भारतीय मिशन (विभिन्न देशों में मौजूद भारतीय दूतावास) के पास होती है।

मुख्य बिंदु

  • इस सूची में उन भारतीय मूल के लोगों के नाम शामिल होता हैं जो भारत में उत्पीड़न किये जाने का हवाला दे कर दूसरे देश में शरण मांगते हैं। इस प्रकार की शरण मांगने वाले भारतीय मूल के लोगों में सिख समुदाय के लोगों की अधिकता हैं।
  • इस सूची में शामिल लोगों को भारतीय मिशन (भारतीय दूतावास) द्वारा वीज़ा नहीं दिया जाता है।
  • भारतीय मूल के वे लोग (तथा उनके परिवार के सदस्य) जिन्होंने किसी दूसरे देश में शरण ली है और उनका नाम “ब्लैक लिस्ट” में नहीं है, उन्हें निवास के देश के नागरिक की तरह ही भारत का वीज़ा मिलेगा।
  • यदि उनका पिछले दो वर्षों का वीज़ा सामान्य है तो वे ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
  • ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्ड एक प्रवासी स्टेटस है, इससे भारतीय मूल के विदेशी नागरिक भारत में अनिश्चित काल तक रह सकता है तथा यहाँ पर कार्य कर सकता है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – गृह मंत्रालय की स्थापना कब की गई थी ?

उत्तर —15 अगस्तo, 1947 को

5. उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू हुई

  • हाल ही में विश्व प्रसिद्ध व बहुप्रतीक्षित चार धाम उत्तराखंड में शुरू हो गयी है। गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम को अक्षय तृतीय के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के लिए खोला गया।
  • परम्पराओं के अनुसार तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा का आरम्भ पश्चिम से करना चाहिए तथा यात्रा का समापन पूर्व में होना चाहिए। इसलिए चार धाम यात्रा यमुनोत्री से शुरू होती है, इसके बाद यात्रा गंगोत्री से होते हुए केदारनाथ तक पहुँचती है, अंत में यह यात्रा बद्रीनाथ में समाप्त होती है।
  • यमुनोत्री : यमुनोत्री देवी “यमुना के लिए समर्पित है। यह बन्दरपूँछ छोटी के निकट स्थित है।
  • गंगोत्री : यह तीर्थस्थल देवी “गंगा” के लिए समर्पित है।
  • केदारनाथ : केदारनाथ भगवान् शिव के लिए समर्पित है। यह पंच केदार का हिस्सा है। यह सबसे उत्तर में स्थित ज्योतिर्लिंग है। यह पवित्र मन्दाकिनी नदी के स्त्रोत के निकट स्थित है।
  • बद्रीनाथ : यह भगवान् विष्णु के लिए समर्पित है। यह अलकनंदा नदी के किनारे पर स्थित है।

महत्व

हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा का काफी महत्व है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह यात्रा मोक्ष प्राप्त के लिए आवश्यक है।

स्मरणीय तथ्य :-

— चार धाम में शामिल चार प्रमुख तीर्थस्थल यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ तथा बद्रीनाथ हैं। यह तीर्थस्थल हिमालय में उत्तराखंड में स्थित है।

6. सीमा सड़क संगठन ने किया भारत के प्रथम प्राकृतिक आइस कैफ़े का निर्माण

  • भारत का पहला प्राकृतिक आइस कैफ़े लद्दाख के लेह में 14,000 फीट की ऊंचाई पर शुरू हो गया है। यह आइस कैफ़े मनाली-लेह हाईवे पर स्थित है।
  • इसका निर्माण सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा प्राकृतिक प्रक्रिया द्वारा किया गया है। इसका उद्देश्य शीतकाल में पानी की बचत करना तथा बाद में आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है।
  • इस कैफ़े को सोनम वांगचुक के बर्फीले स्तूप की भांति तैयार किया गया है। यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।

बर्फीले स्तूप

  • बर्फीले स्तूप एक किस्म के कृत्रिम ग्लेशियर हैं, यह ग्लेशियर शीतकाल जम जाने के कारण जल का संरक्षण करते हैं।
  • यह कृत्रिम ग्लेशियर बसंत ऋतू में पिघलते हैं, इस दौरान खेतों में इस जल की आवश्यकता भी होती है।
  • लेह शीत मरुस्थल क्षेत्र में आता है, यहाँ अधिकतर गाँव जल की कमी की समस्या से जूझते हैं, विशेषतः अप्रैल और मई में पानी की समस्या काफी अधिक होती है। जबकि जुलाई में बर्फ के पिघलने के कारण फ़्लैश फ्लड जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
  • सितम्बर तक कृषि सम्बन्धी सभी गतिविधियाँ पूरी हो जाती हैं और शीतकाल में छोटी-छोटी धाराओं में जल व्यर्थ होकर सिन्धु नदी में बहता जाता है।
  • इस समस्या को देखते हुए बर्फीले स्तूप का विचार उत्पन्न हुआ, इसके द्वारा शीतकाल में व्यर्थ बहने वाले जल को बर्फ के पहाड़ के रूप में स्टोर करने की योजना बनायीं गयी, बाद में जब खेतों में जल की आवश्यकता होती है तब इस जल का उपयोग किया जा सकता है।
  • बर्फीले स्तूप का उद्देश्य क्षेत्र में जल की समस्या का समाधान करना है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – भारत का पहला प्राकृतिक आइस कैफ़े कहां पर स्थित है?

उत्तर — लद्दाख के लेह में

प्रश्न – भारत का पहला प्राकृतिक आइस कैफ़े कितनी ऊंचाई पर शुरू हुआ है?

उत्तर —14,000 फीट

7. भारत में आधुनिक कानूनी शिक्षा के जनक माने जाने वाले डॉ. एन. आर. माधव मेनन का निधन हुआ

  • हाल ही में डॉ. एन.आर. माधव मेनन का निधन हो गया, वे एक प्रसिद्ध शिक्षाविद तथा आधुनिक भारतीय कानूनी शिक्षा के जनक थे।
  • उनका निधन 8 मई, 2019 को 84 वर्ष की आयु में केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ। उन्हें नेशनल लॉ स्कूल की स्थापना करके भारत में कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्ति लाने का श्रेय दिया जाता है।
  • उन्होंने 5 वर्षीय एकीकृत LLB कार्यक्रम की संकल्पना प्रस्तुत की थी।

एन.आर. माधव मेनन

  • एन.आर. माधव मेनन का जन्म 4 मई, 1935 को केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ था। वे एक वकील तथा कानूनी शिक्षाविद थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1955 में की थी। 1956 में वे केरल उच्च न्यायालय में पंजीकृत हुए। वे नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया
  • यूनिवर्सिटी (NLSIU) बंगलुरु, नेशनल जुडिशल अकैडमी भोपाल तथा वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ जुडिशल साइंसेज के संस्थापक-वाईस चांसलर थे। उन्हें कानून क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए 2003 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
  • उन्हें लिविंग लीजेंड ऑफ़ लॉ, प्लाक ऑफ़ ऑनर, रोटरी क्लब अवार्ड फॉर वोकेशनल एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – भारत में आधुनिक कानूनी शिक्षा के जनक माने जाने वाले डॉ. एन. आर. माधव मेनन का निधन हुआ वह कहां के निवासी थे?

उत्तर — केरल के तिरुवनंतपुरम

8. जापान की निजी अन्तरिक्ष कंपनी ने लांच किया मोमो-3 राकेट

  • जापानी एयरोस्पेस स्टार्टअप कंपनी इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजी अन्तरिक्ष में राकेट लांच करने वाली जापान की पहली निजी फर्म बन गयी है। इस कंपनी ने “मोमो-3” नामक छोटा राकेट होकाईडो से लांच किया।
  • यह राकेट 110 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा, बाद में यह प्रशांत महासागर में गिर गया। इस राकेट की लम्बाई लगभग 10 मीटर है तथा इसका व्यास 50 सेंटीमीटर है। इसका भार एक टन है। यह राकेट पृथ्वी की कक्षा में पेलोड स्थापित कर सकता है।

इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड

  • इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजी कंपनी की स्थापना ताकाफुमी होरी द्वारा की गयी थी, इस कंपनी का उद्देश्य सस्ते वाणिज्यिक राकेट विकसित करके उपग्रहों को अन्तरिक्ष में स्थापित करना है।
  • इस कंपनी ने 2020 तक ऐसे राकेट विकसित करने का लक्ष्य रखा है जो 2020 में छोटे उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर सके। इस कंपनी के अध्यक्ष ताकाहिरो इनागावा हैं।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – जापान की निजी अन्तरिक्ष कंपनी ने कौनसा राकेट लांच किया है?

उत्तर — मोमो-3 राकेट

9. वैज्ञानिकों ने पहली बार लक्षद्वीप के मूल निवासियों का जेनेटिक अध्ययन किया

हाल ही में वैज्ञानिकों ने पहली बार लक्षद्वीप के निवासियों का जेनेटिक अध्ययन किया। यह अध्ययन CSIR (वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद्) के सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के वैज्ञानिकों के दल ने किया।

मुख्य बिंदु

  • वैज्ञानिकों ने कदमत, अन्दोर्थ, चेतलत, अगत्ती, कल्पेनी, बितरा, किल्तन तथा मिनिकॉय द्वीप का अध्ययन किया।
  • वैज्ञानिकों ने आठ द्वीपों के 557 लोगों के डीएनए सैंपल का अध्ययन माईटोकोंड्रियल डीएनए तथा 166 लोगों के डीएनए का अध्ययन Y क्रोमोजोम मार्कर के लिए किया।
  • इस अध्ययन के अनुसार लक्षद्वीप के लोगों का घनिष्ठ जेनेटिक लिंक मालदीव, श्रीलंका तथा भारत के लोगों से है।

लक्षद्वीप के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • पहले (1956-73) इसे लक्ष्यद्वीप, मिनीकॉय तथा अमिन्दिवी द्वीप समूह कहा जाता था। यह भारत का केंद्र शासित प्रदेश है।
  • यह बहुत सारे द्वीपों का समूह है, इसमें 36 द्वीप शामिल हैं।
  • इस राजधानी कवरत्ती में स्थित है।
  • मलयालम तथा संस्कृत भाषा में “लक्षद्वीप” का अर्थ “एक लाख द्वीप” होता है।
  • नाइन डिग्री चैनल : मिनिकॉय को शेष लक्षद्वीप से अलग करता है।
  • आठ डिग्री चैनल : यह लक्षद्वीप को मालदीव से अलग करता है।

स्मरणीय तथ्य :-

प्रश्न – हाल ही में वैज्ञानिकों ने पहली बार किस द्वीप के निवासियों का जेनेटिक अध्ययन किया है?

उत्तर — लक्षद्वीप

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