राजस्थान में मीणा एवं भील जनजातियाँ

राजस्थान में मीणा एवं भील जनजातियाँ 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की कुल जनसंख्या का 13.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति का हैं। सर्वाधिक जनजाति वाला जिला- उदयपुर, न्यूनतम जनजाति वाला जिला- बीकानेर। प्रतिशत के अनुसार सर्वाधिक जनजाति वाला जिला- बांसवाड़ा Read More …

राजस्थान की प्रमुख बोलियाँ

राजस्थान की प्रमुख बोलियाँ राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी हैं, वर्तमान में संविधान की 8वीं अनुसूची में 22 भाषाओं का उल्लेख हैं लेकिन राजस्थानी इन 22 भाषाओं में शामिल नहीं हैं। राजस्थानी की लिपी मुड़िया / बनियावली / महाजनी हैं। भाषाओं Read More …

राजस्थान में हस्तकला

राजस्थान में हस्तकला मानव द्वारा अपने हाथों से कलात्मक एवं आकर्षण वस्तुएँ बनाना ही हस्तकला कहलाती हैं। राजस्थान में वर्तमान को सर्वाधिक विदेशी मुद्रा हस्तकला उद्योग से ही प्राप्त होती हैं। इस लिए राजस्थान सरकार ने इसके संर्वधन हेतु औद्योगिक Read More …

ढ़ूँढ़ाड चित्रकला शैली

ढ़ूँढ़ाड चित्रकला शैली आमेर शैली या जयपुरः- जयपुर राज्य में चित्रकारों द्वारा सूरतखाने में चित्र बनाये जाते हैं। यह ढूँढाड़ शैली की सबसे महत्त्वपूर्ण शैली है। मुगलशैली की चित्रकला का सबसे अधिक प्रभाव इसी शैली पर पड़ा, इस शैली पर Read More …

हाड़ौती चित्रकला शैली

हाड़ौती चित्रकला शैली बूँदी शैलीः- यह हाड़ौती शैली की उपशैली है, इस शैली का सर्वाधिक विकास या स्वर्णकाल राव सुर्जनसिंह का काल हैं। मेवाड़ व मुगलशैली के मिश्रण से इस शैली उद्भव हुआ। महारावल उम्मेदसिंह के काल में बनी हुई Read More …

मारवाड़ चित्रकला शैली

मारवाड़ चित्रकला शैली जोधपुर शैली:- मारवाड़ शैली की उपशैली, इस शैली का सर्वाधिक विकास राव मालदेव के काल में हुआ। इसलिए मालदेव का काल इस शैली का स्वर्णकाल कहलाता है। मुगलशैली से प्रभावित होकर यह शैली अपनी सत्ता खो बैठी Read More …

मेवाड़ चित्रकला शैली

मेवाड़ चित्रकला शैली उदयपुर शैलीः- यह राजस्थान की चित्रकला की मूल व सबसे प्राचीन शैली हैं, इस चित्रशैली का आरम्भ महाराणा कुम्भा के काल से हुआ, इसलिए महाराणा कुम्भा को राजस्थान में चित्रकला का जनक कहा जाता है। इस शैली Read More …

राजस्थान में चित्रकला का इतिहास एवं परिचय

राजस्थान में चित्रकला का इतिहास एवं परिचय राजस्थान में तिब्बति इतिहासकार तारानाथ ने मारवाड़ में 7वीं शताब्दी में ’शृंगधर’ नामक चित्रकार का उल्लेख किया हैं जो राजस्थानी चित्रकला का प्रथम चित्रकार माना जाता हैं। केरल के प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि Read More …

राजस्थान के लोकनृत्य

राजस्थान के लोकनृत्य जब मानव उमंग, उल्लास व आनन्द की अभिव्यक्ति करना चाहता हैं तो स्वतः ही वह थिरकना प्रारम्भ कर देता है। यह थिरकने की अभिव्यक्ति ही नृत्य कहलाती हैं। राजस्थान नृत्यकला का सम्पूर्ण भारत में एक केन्द्र रहा Read More …

राजस्थान की प्रसिद्ध मस्जिदें व मकबरे

राजस्थान की प्रसिद्ध मस्जिदें व मकबरे अढ़ाई दिन का झोपड़ा (अजमेर):- यह राजस्थान की प्रथम मस्जिद हैं, तथा इसका वस्तुकार अबू बकर था। अढ़ाई के झोपड़े का निर्माण बीसलदेव चैहान ने 1153 ई. के आस-पास संस्कृत विद्यालय सरस्वती कंठाभरण महाविद्यालय Read More …